Last Updated: June 26, 2012

Shree Krishna Mantra

!! जगदगुरु श्री कृष्ण की वंदना !!

वेदों और पुराणों में भगवान श्री कृष्ण को जगदगुरु भी कहा जाता है | श्री कृष्ण को प्रसन्न करने हेतु इस मंत्र का जाप किया जाता है |

इस मंत्र के जाप से साधक को सभी प्रकार की विपदाओं और संकट से मुक्ति मिलती है और साथ ही साथ शारीरिक और मानसिक शांति भी प्राप्त होती है |

Last Updated: June 25, 2012

Mantra For Sun Salutations And Worship

सूर्य नमस्कार और स्तुति

वेदों और पुरानों में सूर्य देव को चराचर सृष्टि की आत्मा कहा गया है, समस्त ब्रह्माण्ड की आत्मा सूर्य ही है, पुराणों में सूर्यदेव को आदित्य, दिवाकर, भास्कर और तेजोमय आदि से भी संबोधित किया गया है | सूर्य देव की अनुपम कृपा से ही इस पृथ्वी पर जीवन है, और सृष्टि के तेज और प्रकाश को बनाये रखने में इनकी कृपा जगतविदित है | 

अत: प्रातकाल सूर्यदेव को नमस्कार कारण  चाहिए और आरोग्यमय जीवन देने हेतु प्रार्थना करनी चाहिए |

Last Updated: June 17, 2012

How to get Peace and Happiness in Life

!! विवेक चतुष्टय !!

नास्ति विद्या सम चाशुर्नास्ती सत्य समं तप: |
नास्ति राग समं दुह्खं नास्ति त्याग समं सुखम ||

इस निखिल विश्व में विद्या के समान दिव्य नेत्र नहीं है ,सत्य के समान किसी प्रकार का तप नही है क्रोध के समान कोई दुःख नही है और नही है त्याग के समान कोई परम सुख |

Last Updated: June 2, 2012

Govind Damodar Strotram

Govind damodar stotra is the divine and devotional hymn of lord Krishna. It is singing by Krishna devotees and it is also called as balmukund astakam. You can chant this stotra to get a peaceful and happiness life.

Last Updated: May 31, 2012

How to Accomplishment of mantra (Mantra Siddhi)

किसी भी मंत्र को सिद्ध करने के लिए नीचे दिए गए नियम व् सामग्री की आवश्यकता होती है, इसके बिना सिद्धिकरण अधूरा माना जाता है, इसलिए कृपया मंत्र को सिद्ध करने से पहले इन नियमों का पालन जरूर करना चाहिए |

Last Updated: May 11, 2012

Definition of Karma [प्रारब्ध क्या है ?]

प्रारब्ध क्या है ?

मनुष्य जो भी कुछ कर्म करता है- “चाहे वह मानसिक हो या शारीरिक” यदि वह शुद्ध मन से किसी आसक्ति के बिना उदासीन भाव से किया गया है तो उसका अन्तकरण पर कोई संस्कार नही पड़ता; क्योकि वह क्रिया रागद्वेषरहित सदारण भाव से कि हुई है, विशेष भाव से नही |

Last Updated: April 1, 2012

Lord Rama Gloria and Magnitude of Navaratra

राम भजन सुखदाई


आज इस कलियुग के घोर अंधकारमय जीवन में राम नाम ही एकमात्र सहारा है ! इस संसार के सारे लौकिक और अलौकिक फल सहज ही देने की क्षमता जितनी श्रीराम और उनके दो अक्षर के पावन “राम” नाम में है, उतनी संभवतया ही किसी अन्य साधन सिद्धि में होगी, यह राम नाम का ही चमत्कार है कि जिसे शास्त्र ज्ञान या पूजा पद्धति कि जानकारी नही हो वह भी राम नाम के जप से बड़ी से बड़ी विपत्तियों से दूर जाकर असीम सुख पा लेता है |